June 17, 2021

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लोकतंत्र सेनानी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर, परिजनों से मिलने पहुंची स्मृति ईरानी

अमेठी(डीवीएनए ) : जिले के मुसाफिरखाना विकासखंड के कंजास गांव निवासी 65 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी हुबलाल पासी के आकस्मिक निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की.इतना ही नहीं, गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी लोकतंत्र सेनानी हुबलाल के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और शोक प्रकट किया.केंद्रीय मंत्री ने लोकतंत्र सेनानी की फोटो पर माल्यार्पण किया. इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री और अमेठी के जगदीशपुर विधानसभा से विधायक सुरेश पासी भी मौजूद रहे.
स्मृति ईरानी ने सुनी परिजनों की समस्याएं –
जानकारी के मुताबिक सांसद स्मृति ईरानी ने लोकतंत्र सेनानी के परिजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को भी सुना. इतना ही नहीं, केंद्रीय मंत्री के सामने जब परिजनों ने एक रास्ते के विवाद का ज़िक्र किया तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों को बुलाकर 24 घंटे के भीतर विवाद को निपटाने का निर्देश दिया. वहीं लोकतंत्र सेनानी हुबलाल पासी का एक बेटा काफी दिनों से बीमार है. जिसके बेहतर ईलाज के लिए उन्होंने राज्यमंत्री सुरेश पासी को निर्देशित किया और कहा कि इनका ईलाज लखनऊ में कराया जाए.
आपातकाल के दौरान जेल गए थे हुबलाल पासी-
बता दें कि मुसाफिरखाना विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पूरे बरजोर मजरे कंजास गांव निवासी हुब लाल पासी पुत्र ननकु 1975 में आपातकाल के दौरान जेल गए थे. करीब 20 वर्ष की उम्र में तत्कालीन सरकार द्वारा विपक्ष के आवाह्न पर आंदोलन में शामिल होने के चलते गिरफ्तार कर लिए गए थे. लंबे समय तक जेल में बंद रहे हुब लाल 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद जेल से छूटे. बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे लोकतंत्र सेनानी के आकस्मिक निधन की सूचना पर एसडीएम सुनील त्रिवेदी, सीओ मनोज यादव, तहसीलदार श्रद्धा सिंह, चौकी प्रभारी उमेश मिश्रा, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त पाठक, राम मूर्ति तिवारी, सपा जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव, प्रधान बृजेश यादव सहित अन्य गणमान्य लोगों ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. गुरुवार को दोपहर तीन बजे उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
संवाद ,राम मिश्रा