दिखने लगा नरवा योजना का असर, बारिश की आरंभिक फुहारों से ही नरवा स्ट्रक्चर के किनारे के खेत गुलजार

 
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दुर्ग : अभी हाल ही में पाटन ब्लाक में नरवा योजनाओं के दूसरे चरण का काम पूरा हुआ है और इसका जमीनी असर दिखने लगा है। ग्राम छाटा के पास सांतरा नाले में बने स्ट्रक्चर का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा को किसानों ने बताया कि सांतरा नाले का यह चेकडेम पुराना हो चुका था। इसकी मरम्मत हो गई और पानी रूक सका है। अब आस-पास लगभग 165 हेक्टेयर खेतों तक पर्याप्त पानी है। अधिकारियों ने बताया कि 22 किमी लंबे इस नाले का जीर्णाेद्धार किया गया है। इस नाले में डिसेल्टिंग की गई है और डाइक तथा रिचार्ज पिट बनाये गये हैं। इससे भूमिगत जल के रिचार्ज होने में मदद मिलेगी। आरईएस के अधिकारियों ने बताया कि हमने नरवा कार्य से पहले के आंकड़े ले लिये हैं और साल भर बाद के आंकड़ों से तुलना करेंगे कि किस प्रकार नरवा ट्रीटमेंट से भूमिगत जल की स्थिति में सुधार आया है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन भी मौजूद रहे।  देवांगन ने बताया कि पूरे जिले में साढ़े पांच हजार स्ट्रक्चर नरवा के दूसरे चरण में बनाये गये हैं। इनसे भूमिगत जल के स्तर में जबर्दस्त वृद्धि की उम्मीद है। इस दौरान एसडीएम  विपुल गुप्ता एवं अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

पाहंदा में गुलाब जल, तुलसी अर्क एवं गौअर्क पर हो रहा काम- मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मंशानुरूप जिले में आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य हो रहा है। आज कलेक्टर ने अपने निरीक्षण में पाहंदा का गौठान देखा तथा यहां चल रही आजीविकामूलक गतिविधियां भी देखीं। पाहंदा में एसएचजी की महिलाओं ने अद्भुत नवाचार किया है। वे गुलाब जल, तुलसी अर्क और गौअर्क बना रही हैं। एसएचजी की महिलाओं ने बताया कि बाजार के गुलाबजल की तुलना में उनका रेट कम रहेगा और क्वालिटी मेंटेंन रहेगी। उन्होंने अपनी बाड़ियों में गुलाब लगाया है और व्यापक रूप से भी गुलाब लगाने की योजना बना रही हैं। सी-मार्ट में उनका उत्पाद उपलब्ध रहेगा और उम्मीद है कि यह खूब चलेगा। इसके अलावा उन्होंने गोधन न्याय योजना के लिए बोरी बना रही महिला समूहों से भी बातचीत की। समूह की सदस्यों ने बताया कि महीने में सात-आठ दिन ही देने से पर्याप्त आय हो जाती है और हम सब बहुत खुश हैं। कलेक्टर ने यहां फिकल स्लज यूनिट भी देखा और गौठान में कार्य कर रही स्वसहायता समूह की महिलाओं से उन्हें हो रही आय के बारे में पूछा।

सांकरा में देखा रूरल पार्क का काम- सांकरा में समूह की महिलाएं बड़ा काम कर रही हैं। हर महीने उनके कार्य का दायरा बढ़ रहा है। पहले वे केवल अष्टगंध और गुलाल जैसे उत्पाद बनाती थीं। अब भभूत उत्पाद भी बना रही हैं। माईं जी पर चढ़ने वाले चोले भी बना रही हैं। महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि हम सब बहुत खुश हैं। हमें हर दिन आय तो हो ही रही है। साथ ही हमें लाभांश भी मिल रहा है।

जामगांव एम में इंग्लिश मीडियम के बच्चों से बातचीत की, बच्चों ने बताया वरदान है ये- जामगांव एम में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण कलेक्टर ने किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि पढ़ाई कैसे हो रही है। बच्चों ने कहा बहुत अच्छी। बच्चों ने बताया कि इस स्कूल के खुलने से अनेक फायदे हुए हैं। हमारे अभिभावक रायपुर से लगे गांवों में प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में भेजते थे और हर साल की फीस कम से कम 25 हजार थी। एक बच्ची ने बताया कि उसके घर में तीन भाई बहन हैं जिनकी 75 हजार रुपए फीस देना पापा के लिए बहुत कठिन होता था। अब यहां मेरा एडमिशन होने से पापा की बचत भी हो गई है और मेरी पढ़ाई भी अच्छी हो रही है। कलेक्टर ने निर्माणाधीन स्कूल के भवन का काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

हर्बल यूनिट भी देखा- लघु वनोपजों के प्रसंस्करण के लिए बन रहे केंद्र के निर्माणाधीन भवन को भी कलेक्टर ने देखा। यहां अधिकारियों ने उन्हें विस्तार से यहां होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। कलेक्टर ने सिकोला में स्थित हाईटेक नर्सरी भी देखी जिसका लोकार्पण हाल ही में मुख्यमंत्री ने किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री की मंशानुरूप यहां फलदार पौधे तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण भी किया और झीट सीएचसी की व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने मरीजों से तबियत भी जानी।

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