ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में गौठानों की अहम भूमिका: प्रदीप शर्मा

 
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बिलासपुर :  मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार  प्रदीप शर्मा ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गोधन न्याय योजना एवं सुराजी गांव योजना की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गौठानों में गोबर खरीदी हो। इसके लिए जरूरी है कि गौठान सक्रिय हो और जरूरतमंद व्यक्ति इससे लाभान्वित हो सके। ऐसे ग्राम पंचायत जहां अतिक्रमण की स्थिति हो, वहां ग्राम स्तर पर निराकरण करने का प्रयास किया जाए। शर्मा ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में गौठानोें की अहम भूमिका है। उन्होंने गोबर से खाद बनाने का कंवर्जेन्स प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया।  शर्मा ने गांव के गौठानों में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गौठानों में संचालित डेयरी से उत्पादित दूध की गांव में खपत और पशुओं के चारे की व्यवस्था होने से पशुपालक लाभान्वित होंगे। कलेक्टर  सौरभ कुमार ने कहा कि प्रत्येक गांव के गौठानों में आजीविका गतिविधियां बढ़ायी जाए।


बैठक में उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में कुल 352 गौठान स्वीकृत हैं, जिनमें से 317 सक्रिय गौठान है। इन गौठानों में अब तक 2 लाख 18 हजार 255 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। गोबर से खाद बनाने की दर 82 प्रतिशत है। 78 स्वावलंबी गौठान है। जिले के 201 गौठानों में मल्टीएक्टिविटी संचालित की जा रही है।  शर्मा ने गोबर से जैविक खाद बनाने के कंवर्जेन्स रेट को बढ़ाने पर जोर दिया। शर्मा ने ग्राम गौठान समिति की ट्रेनिंग करने के निर्देश दिए।


‘रोका-छेका’ अभियान -
शर्मा ने 20 जुलाई तक सभी गौठानों में रोका-छेका अभियान संचालित करने कहा। इसके लिए तैयारी रखते हुए चरवाहों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव में मवेशियों को खुले में न छोड़कर गौठानों में रखा जाए। रोका-छेका अभियान के तहत गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। ग्राम गौठान समिति का मूल्यांकन करते हुए जरूरत पड़ने पर इन्हें बदलने की प्रक्रिया भी शुरू करने कहा।


गौठानों में तराजू, बाट और खाद छानने की मशीन हों -
प्रदीप शर्मा ने कहा कि सभी गौठानों में अनिवार्य रूप से तराजू, बाट और वर्मी कम्पोस्ट खाद छानने की मशीन हो, जिससे उच्च गुणवत्ता का जैविक खाद बनाया जा सके।


पशुओं के वैक्सीनेशन के निर्देश -
 शर्मा ने निर्देश दिए कि पशुओं का वैक्सीनेशन अनिवार्य रूप से किया जाए। गौ सेवकों को प्रेरित कर उन्हें पशुओं के लिए दवाइयां उपलब्ध करायें। इसके अतिरिक्त उन्होंने गौठानों में निर्मित सामग्रियों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए युवा बेरोजगारों को इससे जोड़ने की बात कही।


सुराजी गांव योजना की समीक्षा -
उन्होंने सुराजी गांव योजना की समीक्षा करते हुए नरवा के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बाड़ी विकास कार्यक्रम की भी जानकारी ली। उप संचालक उद्यानिकी ने बताया कि 193 बाड़ी विकास का काम किया गया है।  शर्मा ने महिलाओं को अपनी बाड़ी में सब्जियां लगाने के लिए प्रेरित करने कहा।


मास्टर ट्रेनर्स को दिए निर्देश -
प्रदीप शर्मा ने ग्राम गौठान समिति के एन.जी.ओ. के मास्टर ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए कहा कि गांव का भ्रमण कर गौठान समिति को प्रशिक्षित करें। गौरतलब है कि जिले की 317 गौठानों को 61 क्लस्टर में विभाजित कर 1 से 4 जुलाई तक ग्राम गौैठान समिति को प्रशिक्षण दिया गया था। गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने के लिए यह प्रशिक्षण दिया गया।  शर्मा ने सभी गौठानों में तेजी से बढ़ने वाले पौधें लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।  शर्मा ने कहा कि गाय की सेवा करना हमारा सहज धर्म है इसलिए गौठानों में गायों की सेवा करते हुए किसानों को आर्थिक पक्ष से भी जोड़े ताकि उनकी समृद्धि हो सके।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जयश्री जैन, वनमण्डलाधिकारी  कुमार निशांत, नगर निगम कमिश्नर अजय त्रिपाठी, उप संचालक कृषि  पी.डी. हथेश्वर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

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