लाख की खेती कर रहे जिले के किसान, वनोपज से जुड़े हुए उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आय को सुधारने का बेहतर प्रयास

 
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दन्तेवाड़ा :   कृषि विज्ञान केन्द्र,  दन्तेवाड़ा  द्वारा संचालित आर्या परियोजना अंतर्गत लाख उत्पादन किया जा रहा है। आर्या परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ. नारायण साहू, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख के मार्गदर्शन में जिले के किसानों के यहाँ सेमियालता का भी पौध रोपण किया गया है। वर्तमान में कुसमी लाख कटाई कर कुसुम एवं सेमियालता में लाख कीट का संचरण किया जा रहा है। विगत दिनों ग्राम हीरानार के किसान शिवराम वेको के प्रक्षेत्र पर लाख कीट का संचरण किया गया। आने वाले दिनों में ग्राम कासोली, जोड़ातराई एवं पुरनतरई के किसानों के यहाँ भी कीट संचरण का कार्य  किया जायेगा। केन्द्र के वैज्ञानिक  एस.के.धु्रव (विषय वस्तु विशेषज्ञ, वानिकी) के देख-रेख में उक्त कार्य किया जा रहा है। आर्या परियोजना के तहत कुल 10 लाख उत्पादक हितग्राहियों को प्रति कृषक बीज (ब्रुड लाख)की मात्रा 15 किलो ग्राम प्रदान किया गया था । वर्तमान में कुसुम के पेड़ तथा सेमियालता पर लाख की खेती कर रहें है। कुसुम का पेड़ बड़ा होता है। जिस पर लाख की खेती एवं प्रबंधन करने में कठिनाई होती है। परन्तु सेमियालता एक झाड़ीनुमा पौधा है जिस पर लाख की खेती एवं प्रबंधन आसानी से किया जा सकता है। इस हेतु किसानों को पडती जमीन पर सेमियालता का पौध रोपण करने की सलाह दिया जाता है। सेमियालता में लाख की खेती के साथ अंर्तवर्गीय सब्जी उत्पादन कर किसान अधिक लाभ कमा सकते है।

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