जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने बीपीओ सेंटर, आदर्श गौठान बघेरा, सी-मार्ट का किया निरीक्षण

 
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राजनांदगांव : सचिव मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग तथा जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने आज राजनांदगांव जिले के ग्राम पंचायत टेड़ेसरा में बने आरोहण बीपीओ सेंटर, आदर्श गौठान बघेरा, सी-मार्ट एवं स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण किया। प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने जिले में जमीनी स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ  लोकेश चंद्राकर उपस्थित रहे।

प्रभारी सचिव ने किया आरोहण बीपीओ सेंटर का किया निरीक्षण –

प्रशिक्षण के साथ ही भविष्य में रोजगार बेहतर बनाने के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश –

जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने टेक्नोटास्क बिजनेस कॉल के संचालकों से इस सेंटर के संचालन और गतिविधियों के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि आने वाला समय में यह सेंटर और अधिक रोजगारोन्मुख केन्द्र के रूप में विकसित हो इसके लिए प्लान करें। उन्होंने कहा कि इस सेंटर में न केवल बारहवीं तक के बच्चों के लिए बल्कि ग्रेजुएशन के बच्चों को भी प्रशिक्षित करने और उनके रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि जॉब की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके इस तरह के ट्रेड में प्रशिक्षण की व्यवस्था करें। कंपनी द्वारा वर्तमान में जो कार्य किया जा रहा है वह सराहनीय है। उन्होंने सेंटर के संचालनकर्ताओं से कहा कि दुर्ग-भिलाई-रायपुर के युवा भी यहां प्रशिक्षण के लिए आयें और रोजगार से जुड़े इसके लिए आवश्यक पहल और कार्य योजना बनायें। जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। इस दौरान उन्होंने ट्रेनिंग हाल में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं और यहां विभिन्न कंपनियों के लिए जॉब कर रहे युवाओं से भी चर्चा की।

प्रभारी सचिव ने आदर्श गौठान बघेरा का किया निरीक्षण -
महिला समूह के प्रयासों की सराहना की -
रेशम का पालन का किया अवलोकन -
मछली अचार की क्षेत्र में बढ़ी मांग -
मुर्गीपालन, मछलीपालन, मशरूम उत्पादन से महिलाओं की बढ़ी आमदनी –

जिले के ग्राम पंचायत बघेरा के आदर्श गौठान में महिला समूह द्वारा किये जा रहे रोजगारोन्मुखी प्रयास को देखने सचिव मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग तथा जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन यहां पहुचे। उन्होंने यहां महिला समूह द्वारा किये जा रहे विविध गतिविधियों और प्रयासों की सराहना की। यहां उन्होंने आदर्श गौठान में रेशम पालन के लिए रोपे गए शहतूत की नर्सरी को देखा। यहां अभी 5 एकड़ में शहतूत के पौधे लगाए गए हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि बरसात आगमन के साथ ही और 5 एकड़ में शहतूत के पौधे लगाए जाएंगे। इसमें रेशम का पालन किया जाएगा। महिला समूह के द्वारा यहां मुर्गी पालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन, कपड़ा सिलाई का कार्य  किया जा रहा है। महिला समूह के द्वारा अभी 1200 मुर्गियों का पालन जा रहा है। समूह की महिलाओं ने बताया कि अभी लगभग डेढ़ लाख रूपए खर्च हुए हैं। 15 दिन के बाद इन मुर्गियों को स्थानीय बाजार में बेचा जाएगा। लगभग 3 लाख रूपए तक मुर्गी की बिक्री हो जाएगी। महिलाओं ने बताया कि लोन लेकर और कम्पोस्ट खाद से हुई फायदे से उन्होंने मुर्गीपालन का व्यवसाय कर रही हैं। मुर्गी बेचने से होने वाली लाभ से वे आगे भी इसका पालन करती रहेंगी। बचत पैसे से लोन का कर्जा चुकायेगी। यहां महिला समूह द्वारा मशरूम का उत्पादन भी किया जा रहा है। जिसकी आसपास के गांवों और बाजारों में अच्छी खासी मांग है। महिला समूह के द्वारा मछलीपालन के साथ ही मछली का अचार भी बनाया जा रहा है। मछली अचार की क्षेत्र में अच्छी मांग है। समूह की 10 महिलाओं के द्वारा कपड़ा सिलाई का भी कार्य किया जा रहा है। इन महिलाओं द्वारा स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों के लिए शाला गणवेश की सिलाई किया जा रहा है। महिला समूह द्वारा की जा रही विविध गतिविधियों को देखकर प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ ही महिला समूह को शुभकामनाएं दी। उन्होंने पंचायत सचिव से इन समूहों को और स्किल डेवलपमेंट के लिए जरूरी प्रशिक्षण देंने कहा। उन्होंने महिला समूह के द्वारा कम्पोस्ट खाद निर्माण की जानकारी भी ली।

प्रभारी सचिव ने किया सी-मार्ट का किया निरीक्षण -
समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए मिला एक प्लेटफार्म –

सचिव मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग तथा जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने आज राजनांदगांव निगम क्षेत्र के जलतरंग कॉलोनी के पास खोले गए सी-मार्ट का निरीक्षण किया। सी-मार्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के परंपरागत व्यंजनों, खाद्यान्न सामग्री, परिधानों का संग्रह यहां किया गया है। इसे देखकर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने सी-मार्ट के संचालकों से कहा कि इसे स्थापित किये जाने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उत्पादों, परंपरागत व्यंजनों, परिधानों को एक अवसर मुहैया कराया जाना है। इसके माध्यम से महिला संगठनों स्वसहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे  उत्पादों की बिक्री के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराना भी है। इसके खुलने से जहां महिला समूहों को अपने संस्थानों में उत्पादित सामग्री के विक्रय के लिए एक समुचित स्थान उपलब्ध होगा वहीं उन्हें अपने उत्पादों को बेचकर लाभ अर्जित करने और स्वालंबन बनने के लिए भी राह खुलेगी। उन्होंने कहा कि जिले के अंतर्गत जितने महिला स्वसहायता समूह और संगठन है जो इस प्रकार के सामग्री का उत्पादन कर रहे हैं। उन सभी को सी-मार्ट के माध्यम से विक्रय करने का अवसर  मिलना चाहिए। उन्होंने जिले की पहचान के लिए पैकेजिंग में एक विशेष तरह के प्रतीक का उल्लेख करने कहा। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि एक छत के नीचे राज्य के विविध सामग्री को देखने और क्रय-विक्रय करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यहां सी-मार्ट रखें सामग्री को देखकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित समूह की सराहना की।
प्रभारी सचिव ने किया स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण -
इंग्लिश मीडियम स्कूल की लोकप्रियता बढ़ी –

जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने आज जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण किया। प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने यहां पहुंचकर शाला भवन निर्माण का अवलोकन किया। उन्होंने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स लैब पहुंचकर प्रयोगशाला के लिए रखे गए सामग्री को देखा। उन्होंने कहा की बेहतर तरीके से  शाला में सामग्रियां सुसज्जित तरीके से रखे गए हैं। इससे शाला में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने और प्रयोग विधि से रूबरू होने का उचित माहौल मिलेगा। उन्होंने शाला की प्राचार्य से कहा कि विद्यालय को सुचारू रूप से संचालन करने और मूर्त रूप देने में आप की महती भूमिका है। प्राचार्य से विद्यालय की संचालन व्यवस्था और दाखिले के संबंध में जानकारी ली।  शाला की प्राचार्य ने बताया कि 1-1 सीट के पीछे अनेकों आवेदन आए हैं। इस बात पर प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने कहा कि इंग्लिश मीडियम स्कूल की लोकप्रियता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग के पालकों का रूझान इंग्लिश मीडियम स्कूल की तरफ बढ़ा है। महज साल भर के भीतर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल ने विद्यार्थियों और पालकों को आकर्षित किया है। उन्होंने निजी विद्यालयों की तरह स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में अध्ययन-अध्यापन का कार्य सही तरीके से संचालित करने कहा। इसके लिए उन्होंने जो भी आवश्यकता होगी उसके लिए जरूरी सहयोग दिए जाने कहा।

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