खाद की कमी दूर करने लगातार समितियों में पहुंच रही है रासायनिक खाद

 
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राजनांदगांव : मानसून के आगमन के साथ ही जिले के किसान खेत की तैयारी में लग चुके है, जिसको देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कृषकों को खाद एवं बीज उपलब्ध कराने लगातार समन्वय कर समितियों तक खाद व बीज का भंडारण किया जा रहा है। कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने कृषि एवं अन्य संबंद्ध विभागों को आपस में समन्वय करते हुए खाद की आपूर्ति के लिए लगातार कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिले में लगातार डीएपी, पोटाश व अन्य उर्वरकों की रेक भी लग रही है। अब तक सहकारी समितियों में उर्वरकों के लक्ष्य 65000 मीट्रिक टन के विरूद्ध लगभग 43000 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। साथ ही 33924 मीट्रिक टन खाद सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को वितरण किया जा चुका है। उल्लेखनीय हैै कि गतवर्ष इसी अवधि में समितियों में 41240 मीट्रिक टन खाद का भंडारण कर मात्र 29953 मीट्रिक टन खाद का ही उठाव हो पाया था। वर्तमान में 9000 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में वितरण हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 27700 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 26999 मीट्रिक टन भंडारण एवं 4252 मीट्रिक टन समितियों में शेष, एसएसपी 11400 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 7315 मीट्रिक टन भंडारण व 1830 मीट्रिक टन समितियों में शेष, डीएपी 17700 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 6021 मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है। साथ ही 2300 मीट्रिक टन डीएपी की रेक जिले में पहुंच चुकी है, जिसे तत्काल समितियों में भंडारण करने का कार्य जारी है। इस प्रकार जिले में 8381 मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण है व 2111 मीट्रिक टन डीएपी समितियों में शेष है। इसके अलावा एमओपी 5000 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 2587 मीट्रिक टन भंडारण व 813 मीट्रिक टन शेष तथा एनपीके व अन्य खाद भी पर्याप्त मात्रा में समितियों में उपलब्ध है।


निजी विक्रय केन्द्रों में उपलब्ध खाद निर्धारित दर पर ही विक्रय किया जाना है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने निजी विक्रय केन्द्रों को सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी किसान को अधिक दर पर खाद वितरण न किया जाये। खाद के कालाबाजारी की शिकायत पाये जाने की स्थिति में संबंधित का विक्रय परिसर सील कर खाद जप्ती व उर्वरक अधिनियम 1985 के विभिन्न धाराओं के अधीन कठोर कार्रवाई की जाएगी।


निजी विक्रय केन्द्रों में भी अब तक 17823 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। जिसमें डीएपी 4287 मीट्रिक टन खाद का भंडारण कर 3983 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है व 647 मीट्रिक टन खाद अभी भी निजी केन्द्रों में शेष है। कृषकों से अपील है कि शासन द्वारा निर्धारित दर पर निजी विक्रय केन्द्रों से भी खाद प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी निजी विके्रता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद विक्रय किया जाता है तो उसकी शिकायत अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कर सकते हैं।


सुकुलदैहान समिति में लगातार हो रहा है खाद का वितरण -
सुकुलदैहान समिति अंतर्गत ग्राम लिटिया, सुकुलदैहान, टेका, हल्दी, कन्हारडबरी, धनगांव सहित संबंधित ग्रामों के कृषकों को लगातार खाद का वितरण समिति के माध्यम से जारी है। सुकुलदैहान समिति में अब तक 335.50 मीट्रिक टन खाद की मांग के विरूद्ध 360 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक किया गया था, जिसमें से 211 मीट्रिक टन खाद का उठाव किया गया है व वर्तमान में 149.69 मीट्रिक टन खाद वितरण हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 124.69 मीट्रिक टन व डीएपी 25 मीट्रिक टन खाद शेष है। जिसका कृषकों के मध्य वितरण लगातार जारी है।

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