मध्यप्रदेश में बिजली की स्थिति अन्य प्रदेशों की तुलना में बेहतर

 
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भोपाल : मध्यप्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों के अभियंताओं और कार्मिकों के ‘आत्म-निरीक्षण’ पर केन्द्रित तीन दिवसीय ‘मंथन-2022’ गुरुवार से जबलपुर के तरंग प्रेक्षागृह में प्रारंभ हुआ। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तीन दिवसीय मंथन-2022 का शुभारंभ करते हुए कहा कि वर्तमान में पूरे देश में कोयले की कमी से बिजली संकट है, लेकिन मध्यप्रदेश की स्थिति अपेक्षाकृत अन्य प्रदेशों की तुलना में बेहतर है। गत दिवस केबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने विद्युत कंपनियों के बेहतर प्रबंधन की सराहना की है। तोमर ने आशा व्यक्त की कि मंथन-2022 से निकलने वाले परिणामरूपी अमृत से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं का भला होगा। प्रमुख सचिव ऊर्जा  संजय दुबे, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  अनय द्विवेदी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  मनजीत सिंह, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी, विद्युत अभियंता और तकनीकी कार्मिक एवं देश के ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

गत वित्तीय वर्ष में 23,700 करोड़ रूपए का रिकार्ड राजस्व संग्रहण

ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि कोरोना के बावजूद विद्युत वितरण कंपनियों के द्वारा गत वित्तीय वर्ष में 23,700 करोड़ रूपए का रिकार्ड राजस्व संग्रहण किया गया। पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सतत् विद्युत उत्पादन किया। पावर जनेरटिंग कंपनी की कुछ यूनिटों ने 100 से 185 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन का रिकार्ड बनाया है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों और पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने उत्कृष्ट रख-रखाव करते हुए लाइनों की ट्रिपिंग को नियंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में ट्रांसफार्मर की फेल्योर दर में कमी आई है।

विद्युत वितरण कंपनियों से हानियों और बिजली चोरी रोकने का आह्वान

 तोमर ने विद्युत वितरण कंपनियों का आह्वान किया कि वे हानि और बिजली चारी को रोकने में प्रभावी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि यह कार्य इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत से संभव हो सकेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियाँ सभी उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत के आधार पर बिल देने का प्रयास कर रही हैं। भविष्य में आंकलित खपत के आधार पर जारी होने वाले बिल पूर्णत: बंद हो जाएँगे।

मंथन के निष्कर्ष को करें आत्मसात

ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि समस्त विद्युत अभियंता और कार्मिक ‘मंथन-2022’ कार्यशाला से निकले निष्कर्षों पर चिंतन करें और उन्हें सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से आत्मसात भी करें। उन्होंने कहा कि मंथन के निष्कर्ष की सतत् समीक्षा होती रहे और आवश्यक हुआ तो इन्हें नीतिगत निर्णय के रूप में ग्राहय किया जाएगा।

मंथन का उद्देश्य अभियंताओं एवं कार्मिकों की मानसिकता में बदलाव लाना है

प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे ने कहा कि मंथन-22 का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं और कार्मिकों की मानसिकता में बदलाव लाना है, जिससे वे अपनी क्षमताओं को पहचान कर कंपनियों की बेहतरी और उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मालोकन करें, जिससे शासन की मंशानुसार चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो पाए।  दुबे ने कहा कि मंथन कार्यशाला में नई तकनीकी के संबंध में दी जा रही जानकारी को विद्युत अभियंता अपनाएँ। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  अनय द्विवेदी ने स्वागत भाषण दिया।

देश के विख्यात विशेषज्ञों ने दिया प्रजेंटेशन

‘मंथन 2022’ के पहले दिन पावर जनरेटिंग एवं पावर ट्रांसमिशन विषय पर विशेषज्ञों ने प्रस्तुतिकरण दिए। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  मनजीत सिंह ने अर्जित उपलब्धियों के साथ भविष्य की चुनौतियों के संबंध में विस्तार से प्रेजेटेंशन दिया। एनटीपीसी के एजीएम बी.बी. पाधी ने स्ट्रीम टरबाइन के मेंटेनेंस, वर्ल्ड बैंक की सीनियर इनर्जी स्पेशलिस्ट सुरभि गोयल ने पावर जनरेटिंग कंपनी के प्लांटों का नवीनीकरण तथा पुनर्प्रयोजन, एनटीपीसी कोरबा के एजीएम वी.के. गर्ग ने बेस्ट प्रेक्टिसेस इन केमेस्ट्री पर प्रस्तुतिकरण दिया। पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी ने अर्जित उपलब्धियों के साथ भविष्य की चुनौतियों के संबंध में प्रजेटेंशन दिया। पावर सिस्ट्म ऑपरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर  वी. बालाजी ने सिस्ट्म प्लानिंग और सिस्ट्म ऑपरेशन, पीजीसीआईएल के डीजीएम सी.पी. अवस्थी ने अति उच्चदाब सब स्टेशनों के ऑटोमेशन पर प्रेजेंटेशन दिया।

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