त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन के लिए मतपेटियों का करें सुनियोजित प्रबंधन

 
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भोपाल :  सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री राकेश सिंह ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिलों में उपलब्ध उपयोगी मतपेटियों की चरणवार आवश्यकता के आकलन तथा उपलब्ध मतपेटियों के अधिकतम सदुपयोग और प्रबंधन, आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार करें। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष-2022 तीन चरणों में समस्त पदों के चुनाव मतपत्र/मतपेटी से कराए जा रहे हैं।

मतदान केन्द्र पर मतपेटी

प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक मतपेटी देने का प्रावधान है। वर्तमान में प्रति मतदान केन्द्र मतदाताओं की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए इन निर्देशों में परिवर्तन किया जा रहा है। पंचायत आम निर्वाचन-2022 में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदाता संख्या 500 तक होने पर एक बड़ी मतपेटी, 501 से 700 तक मतदाता होने पर एक बड़ी और एक छोटी मतपेटी तथा 700 से अधिक मतदाता होने पर 2 बड़ी मतपेटी दी जायें।

त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2022 के लिए निर्धारित निर्वाचन कार्यक्रम में मतदान की तिथियों में पर्याप्त अंतराल रखा गया है। जिलों में 2 अथवा 3 चरणों में निर्वाचन कराए जाने की स्थिति में, प्रथम चरण के लिए उपयोग में लाई गई मतपेटी को द्वितीय चरण में तथा इसी प्रकार द्वितीय चरण के लिए उपयोग में लाई गई मतपेटी को तृतीय चरण में भी उपयोग किया जाए। किसी एक चरण में सम्मिलित किए गए विकासखण्डों में मतदान/ मतगणना के बाद उन विकासखण्डों में प्रयुक्त मतपेटियों को अगले चरण में सम्मिलित विकासखण्डों में मतदान के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए जिले के भीतर अंतर्परिवहन का उपयुक्त प्लान तैयार किया जाए। विशेष परिस्थितियों में यदि जिला निर्वाचन अधिकारी विकासखण्ड मुख्यालय पर मतगणना का निर्णय लेते हैं तो इस स्थिति में मतगणना के तत्काल बाद मतपेटियों को अगले चरण के निर्वाचन के लिए (सामग्री वितरण के पूर्व) संबंधित विकासखण्ड में अनिवार्यतः भिजवाने की व्यवस्था करें। 

आवश्यकता का आकलन

पंचायत आम निर्वाचन के पृथक-पृथक चरणों के लिए बड़ी एवं छोटी मतपेटियों की आवश्यकता का आकलन मतदाताओं की संख्या के वर्गीकरण के आधार पर किया जाए। प्रत्येक चरण में सम्मिलित विकासखण्डों में मतदाताओं की संख्या अनुसार निर्धारित मतदान केन्द्रों की संख्या को आधार मानकर चरणवार मतपेटियों की आवश्यकता परिगणित की जाए। प्रत्येक जिले में चरणवार आवश्यक मतपेटियों की संख्या की गणना की जाकर तीनों चरणों में से किसी भी एक चरण में उपयोग की जाने वाली अधिकतम मतपेटियों की संख्या को जिले की न्यूनतम आवश्यकता मानकर वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया जाए। किसी जिले के पास छोटी मतपेटियाँ नहीं / कम होने की स्थिति में छोटी मतपेटी के स्थान पर बड़ी मतपेटी दी जाए।

मतदान केन्द्र की आकस्मिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक जोनल / सेक्टर अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में रिजर्व मतपेटियाँ (छोटी/बडी़) दी जाना चाहिए। इसके लिए जिले की आवश्यकत्ता का आकलन करते समय न्यूनतम 10 प्रतिशत मतपेटियाँ रिजर्व रखी जाएँ तथा सामग्री वितरण के दौरान जोनल/सेक्टर अधिकारियों को दी जाएँ।

मतपेटियों का अंतर्जिला परिवहन

आयोग स्तर से प्रत्येक जिले के लिए मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या को आधार मानकर मतपेटियों की चरणवार आवश्यकता का विस्तृत आकलन एवं विश्लेषण किया गया है। तदुपरांत 14 जिलों यथा-धार, देवास, खण्डवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, सीधी, उमरिया, अनूपपुर और कटनी में मतपेटियों की कमी है। इन जिलों को आवश्यक मतपेटियों की आपूर्ति, निकटस्थ जिलों से अंतर्जिला परिवहन के माध्यम से कराए जाने के आदेश जारी किये जा रहे हैं।

मानकों के आधार पर गणना किए जाने के बाद यदि किसी जिले में मतपेटियों की कमी परिलक्षित होती है तो 2 दिन में अतिरिक्त मतपेटी की माँग से आयोग को अवगत करायें।

वर्तमान में मतपेटी की स्थिति

जिलों में बड़ी मतपेटी 58 हजार 254 और छोटी मतपेटी 44 हजार 758 हैं। कुल मतदान केन्द्र 71 हजार 643 हैं। प्रथम चरण में 27 हजार 49 , द्वितीय चरण में 23 हजार 988 और तृतीय चरण में 20 हजार 606 मतदान केन्द्रों में मतदान होगा।

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